RBD Act 1969 • CRS Portal • 2026 Amendment

Birth Death Certificate 2026: सरकार के नए नियम और पूरी Apply Process

21 दिन के अंदर, 21 दिन से 1 साल, 1 साल से 2 साल और 2 साल के बाद — हर स्थिति में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी जानकारी हिंदी में।

अपडेटेड 2026 दस्तावेज़ चेकलिस्ट नया संशोधन बिल 2026
ध्यान दें: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। नियम और फीस राज्य अनुसार अलग हो सकते हैं तथा 2026 संशोधन बिल अभी संसद में विचाराधीन है। आवेदन से पहले अपने राज्य के CRS पोर्टल — crsorgi.gov.in या रजिस्ट्रार कार्यालय से ताज़ा जानकारी जरूर लें।

अगर आप या आपके परिवार में किसी का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) अभी तक नहीं बना है, तो 2026 में सरकार ने इससे जुड़े नियमों को पहले से ज्यादा सख्त और डिजिटल बना दिया है। अब देर से रजिस्ट्रेशन करवाना पहले जितना आसान नहीं रहा — खासकर अगर मामला 2 साल से ज्यादा पुराना है। इस गाइड में हर स्थिति के हिसाब से पूरी प्रोसेस, दस्तावेज़, फीस और नया 2026 अपडेट बताया गया है।

2 समय के हिसाब से रजिस्ट्रेशन के 4 चरण

जन्म या मृत्यु की घटना कब हुई, उसी हिसाब से रजिस्ट्रेशन प्रोसेस, फीस और जरूरी दस्तावेज तय होते हैं:

समय-सीमाकहां रजिस्टर होगाफीसअतिरिक्त अनुमति
21 दिन के अंदरस्थानीय रजिस्ट्रारनिःशुल्कजरूरत नहीं
21–30 दिनस्थानीय रजिस्ट्रार₹2 विलंब शुल्कजरूरत नहीं
30 दिन – 1 सालस्थानीय रजिस्ट्रार₹5–₹10शपथ पत्र + रजिस्ट्रार अनुमति
1 साल – 2 सालSDM/DM कार्यालय₹10–₹25 + आदेश शुल्कमजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी
2 साल के बादJMFC कोर्टकोर्ट फीस + विलंब शुल्कन्यायिक आदेश अनिवार्य (2026)

फीस राज्य-दर-राज्य थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने नगर निगम/पंचायत कार्यालय से एक बार जरूर कन्फर्म करें।

3 Before 21 Days — 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन

यह प्रोसेस सबसे आसान और पूरी तरह मुफ्त है। अस्पताल में जन्म/मृत्यु होने पर अस्पताल प्रशासन खुद घटना की जानकारी रजिस्ट्रार को भेजता है — आपको सिर्फ डिस्चार्ज समरी लेकर प्रमाण पत्र कलेक्ट करना होता है। घर पर जन्म/मृत्यु होने पर परिवार के मुखिया को 21 दिन के अंदर स्थानीय रजिस्ट्रार को सूचना देनी होती है।

पहचान प्रमाण

माता-पिता का आधार कार्ड / पहचान पत्र

मेडिकल दस्तावेज़

डिस्चार्ज स्लिप/डॉक्टर रिपोर्ट (जन्म) या मेडिकल सर्टिफिकेट (मृत्यु)

पता प्रमाण

बिजली बिल / राशन कार्ड

आवेदन फॉर्म

Form 1 (जन्म) / Form 2 (मृत्यु) भरा हुआ

फीस: पूरी तरह निःशुल्क। प्रमाण पत्र आमतौर पर 7 दिनों के अंदर जारी कर दिया जाता है।

4 After 21 Days to 1 Year — देरी से रजिस्ट्रेशन

21 दिन निकल चुके हों लेकिन 1 साल पूरा न हुआ हो, तो भी रजिस्ट्रेशन संभव है — थोड़े ज्यादा दस्तावेज़ और मामूली विलंब शुल्क के साथ।

फॉर्म लें

स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय से Form 1/Form 2 लें या ऑनलाइन डाउनलोड करें।

शपथ पत्र बनवाएं

₹10 के स्टाम्प पेपर पर देरी का कारण बताते हुए Affidavit नोटरी से बनवाएं।

दस्तावेज़ जमा करें

सभी सहायक दस्तावेजों के साथ फॉर्म रजिस्ट्रार को जमा करें।

प्रमाण पत्र प्राप्त करें

रजिस्ट्रार सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी करता है।

फीस: ₹5 से ₹10 के बीच (राज्य अनुसार भिन्न)। इस चरण में सामान्यतः मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत नहीं पड़ती।

5 After 1 Year to 2 Years — मजिस्ट्रेट के आदेश से रजिस्ट्रेशन

1 साल से ज्यादा पुराने मामले सीधे रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र से बाहर चले जाते हैं। अब इसके लिए SDM/DM का आदेश जरूरी होता है।

NAC लें

रजिस्ट्रार कार्यालय से Non-Availability Certificate लें, जो बताता है कि रिकॉर्ड में यह दर्ज नहीं है।

याचिका दाखिल करें

SDM/DM कार्यालय में स्कूल सर्टिफिकेट, अस्पताल रिकॉर्ड जैसे सबूतों के साथ Petition दाखिल करें।

गवाह शपथ पत्र

दो गवाहों के हस्ताक्षर वाला शपथ पत्र संलग्न करें।

मजिस्ट्रेट का आदेश

संतुष्ट होने पर मजिस्ट्रेट रजिस्ट्रार को रजिस्ट्रेशन का आदेश देते हैं।

प्रमाण पत्र जारी

आदेश मिलने के 7 दिन के भीतर प्रमाण पत्र जारी होता है।

समय-सीमा: आमतौर पर आदेश आने में 30–60 दिन लग सकते हैं। फीस: ₹10–₹25 + कोर्ट/आदेश शुल्क।

6 After 2 Years — 2026 का सबसे बड़ा बदलाव

अभी तक 2 साल से ज्यादा पुराने मामलों में भी जिला प्रशासन (SDM/DM) स्तर पर मंजूरी मिल जाती थी। लेकिन नए Amendment Bill, 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, अब ऐसे मामले Judicial Magistrate First Class (JMFC) की अदालत में भेजे जाएंगे — यानी सिर्फ प्रशासनिक आदेश काफी नहीं होगा, फर्जी दावों को रोकने के लिए सबूतों की गहराई से जांच होगी और प्रोसेस में ज्यादा समय व कानूनी औपचारिकताएं लग सकती हैं।

NAC

Non-Availability Certificate जरूरी

ठोस प्रमाण

स्कूल रिकॉर्ड, राशन कार्ड, पुराना मेडिकल रिकॉर्ड, पारिवारिक दस्तावेज

कानूनी याचिका

वकील के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष Petition

गवाह शपथ पत्र

दो या अधिक गवाहों के शपथ पत्र + पहचान/पता प्रमाण

सुझाव: अगर आपका मामला 2 साल से पुराना है, तो प्रोसेस शुरू करने से पहले स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय या किसी विधि सलाहकार से जरूर सलाह लें, क्योंकि नए बिल के लागू होने के बाद नियमों में बदलाव संभव है।

7 Birth Death Certificate Online Apply कैसे करें (CRS Portal Process)

कई राज्यों में अब जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

पोर्टल पर जाएं

crsorgi.gov.in या अपने राज्य के e-District पोर्टल पर जाएं।

अकाउंट बनाएं

“General Public Signup” पर क्लिक करके नया अकाउंट बनाएं।

फॉर्म भरें

Birth/Death Registration फॉर्म चुनें और सभी जानकारी भरें।

दस्तावेज़ अपलोड करें

जरूरी दस्तावेज़ स्कैन करके अपलोड करें।

सबमिट व ट्रैक करें

आवेदन सबमिट कर Reference नंबर सुरक्षित रखें और स्टेटस ट्रैक करते रहें।

नोट: 1 साल से ज्यादा देरी वाले मामलों में ऑनलाइन आवेदन के बाद भी SDM/मजिस्ट्रेट कार्यालय जाकर offline कार्यवाही पूरी करनी पड़ सकती है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया अभी हर राज्य में डिजिटल नहीं हुई है।

दस्तावेज़ या फॉर्म को लेकर मदद चाहिए?

अपने जिले के आवेदन फॉर्म, शपथ पत्र प्रारूप या दस्तावेज़ लिस्ट को लेकर हमारी दूसरी गाइड्स भी देखें।

CSC सर्विस गाइड देखें →

9 Birth Death Certificate (FAQ)

अगर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र समय पर नहीं बना तो क्या स्कूल एडमिशन रुक जाएगा?

नहीं, लेकिन 2023 संशोधन के बाद कई राज्यों में जन्म प्रमाण पत्र को स्कूल एडमिशन के लिए अनिवार्य दस्तावेज बना दिया गया है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके रजिस्ट्रेशन करवा लेना बेहतर है।

क्या मृत्यु प्रमाण पत्र के बिना संपत्ति ट्रांसफर हो सकती है?

आमतौर पर नहीं। बैंक खाता ट्रांसफर, बीमा दावा और संपत्ति के नामांतरण के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी दस्तावेज माना जाता है।

Non-Availability Certificate (NAC) क्या होता है?

यह रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी एक प्रमाण पत्र है जो यह साबित करता है कि संबंधित जन्म/मृत्यु सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। देरी से रजिस्ट्रेशन के लिए यह लगभग हर स्थिति में जरूरी होता है।

NRI परिवार भारत के बाहर से आवेदन कैसे करें?

NRI आवेदक अपने किसी परिजन को नोटरीकृत पावर ऑफ अटॉर्नी (POA) देकर भारत में उनके जरिए आवेदन करवा सकते हैं।

2026 का नया बिल कब से लागू होगा?

यह बिल अभी संसद में विचाराधीन है (जुलाई 2026 में पेश हुआ)। पास होने और अधिसूचित होने के बाद ही यह पूरी तरह लागू होगा। ताज़ा स्थिति के लिए सरकारी पोर्टल पर नजर रखें।

निष्कर्ष

Birth Death Certificate सिर्फ एक फॉर्मेलिटी नहीं, बल्कि पहचान, नागरिकता और कानूनी अधिकारों से जुड़ा सबसे बुनियादी दस्तावेज है। 2026 के नए संशोधन के बाद देर से रजिस्ट्रेशन, खासकर 2 साल से ज्यादा पुराने मामलों में, पहले से ज्यादा सख्त हो सकता है — इसलिए बेहतर यही है कि जन्म या मृत्यु के 21 दिन के अंदर ही रजिस्ट्रेशन करवा लिया जाए।

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